अप्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार दिए जाने का जो सम्विधान संशोधन का प्रस्ताव किया है वह स्वागतयोग्य है परन्तु ध्यान देने योग्य बात यह है कि देश मे ओर भी लोग हैं जिन्हें मतदान का अधिकार तो प्राप्त है लेकिन वे मत दे नही सकते.इस पर भी सोचा जाना चाहिए । उदाहरण के तौर पर सीमा पर तैनात सैनिक व सीमा रक्छक दल के जवान और चुनाव के दौरान चुनाव का कार्य देख रहे कर्मचारी ।
हमारे लोकतंत्र की एक विडम्बना यह भी है कि करीब चालीस प्रतिशत लोग मतदान करने ही नहीं जाते । जिससे हमारे चुने हुए प्रतिनिधि जनता का सही प्रतिनिधित्व नहीं करते अपितु वे ऐसा दावा जरुर करते हैं । अगर संविधान में संशोधन इस तरह कर का सही प्रतिनिधित्व करते नजरआयेंगे और की भागीदारी सुनिश्चित हो सके तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए वरदान सावित् होगा और चुने हुए प्रतिनिधि जनता का सही प्रतिनिधित्व करते नजर आयेंगे ।
हमारे लोकतंत्र की एक विडम्बना यह भी है कि करीब चालीस प्रतिशत लोग मतदान करने ही नहीं जाते । जिससे हमारे चुने हुए प्रतिनिधि जनता का सही प्रतिनिधित्व नहीं करते अपितु वे ऐसा दावा जरुर करते हैं । अगर संविधान में संशोधन इस तरह कर का सही प्रतिनिधित्व करते नजरआयेंगे और की भागीदारी सुनिश्चित हो सके तो यह भारतीय लोकतंत्र के लिए वरदान सावित् होगा और चुने हुए प्रतिनिधि जनता का सही प्रतिनिधित्व करते नजर आयेंगे ।
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